शुभचिंतकों के अनुभव
Testimonials & Blessings
दानदाताओं, स्वयंसेवकों और समाज के विचार — सेवा ही सच्ची पूजा है
सहयोगियों और समाज के शब्द
"गर्मियों के दिनों में जब हम घरों में कूलर-एसी में रहते हैं, उस समय कृष्ण सुदामा फाउंडेशन की जल वैन को सड़कों पर बेसहारा गायों और कुत्तों को पानी पिलाते देखना दिल को छू जाता है। यह सच्ची पूजा है।"
सुरेश गर्ग
नियमित दानदाता (Monthly Donor) · करनाल, हरियाणा
"पेड़ों पर पक्षियों के लिए मिट्टी के सकोरे लगाने की मुहिम बहुत ही सराहनीय है। मैंने अपनी सोसायटी में 20 सकोरे लगवाए। संस्था का काम 100% पारदर्शी और निस्वार्थ है।"
डॉ. मीनाक्षी शर्मा
पर्यावरण एवं पशु प्रेमी · पानीपत
"मैं हर रविवार जल सेवा वैन के साथ जाता हूँ। जब प्यासी गायें वैन को देखकर दौड़ी चली आती हैं और तृप्त होकर पानी पीती हैं, वह अनुभव शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।"
विकास चौधरी
स्वयंसेवक (Volunteer) · कुरुक्षेत्र
"फाउंडेशन के कार्यकर्ता पूरी लगन से सेवा कर रहे हैं। इनके हर खर्च और सेवा का ब्यौरा स्पष्ट रहता है। मैं सभी से अपील करता हूँ कि इस पुण्य कार्य में उपकार जरूर करें।"
राजेंद्र प्रसाद जी
वरिष्ठ नागरिक एवं सहयोगी · रोहतक
